केतली को ककड़ी नापसंद है

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गर्मी की छुट्टियों में खेलना

गर्मी की छुट्टियों में तानिया, टिन्कू, केतली और पुरु इकट्ठे खेलते थे । उन्हें भीतर ही खेलना पड़ता था क्योंकि बाहर बहुत गर्मी थी । पर इस दिन बादल छाए हुए थे – घनें डरावने वाले  नहीं बस एक घटा सी छा गई थी । धूप भी नहीं थी और धीमी से माध्यम हवा के चलने से मौसम बड़ा सुहावना बन गया था । चारों मित्र घर के पास वाले एक पार्क में खेलने ग​ए । खेल कूद कर पुरु के घर आ पहुंचे, पानी पिया और गप मारने के लिए बैठ ग​ए ।

पुरु की मांजी ने सोचा कि कि बच्चों ने पिछले दो-तीन दिन पिज़्ज़ा खाया था पर आज उने ककड़ी  दे दें । काट पीट कर चाट बना कर नहीं बस दो साबुत लंबी लंबी लगभग एक जैसी, ककड़ियां दे कर उनसे कहा कि बराबर बांट कर खाना ।

केतली को ककड़ी का इतना शौक नहीं था । वह अपने घर चली गई । तानिया ने पुरु को मांजी को बुलाने के लिए कहा ताकि वह एक चाकू से ककड़ियों को काट दे ।

तीन लोगों में दो ककड़ी बांटने की अजीब विधि

ankafig.11a.2             तानिया: आंटी, केतली तो घर चली गई । अब पता नहीं दो ककड़ियों को तीनो  में बराबार बराबार कैसे बांटेंगे । मेरी एक राय है । आप पहले दोनो ककड़ियों को आधा आधा कर दो ।

आंटी ने ऐसा ही किया । दो ककड़ियों के चार टुकड़े कर दिए ताकि हर टुकड़ा 1/2 ककड़ी के बराबर था । तीनो बच्चों ने एक एक टुकड़ा खा लिया और चौथा टुकड़ा, जो आधी ककड़ी के बराबर था, बच गया ।

तानिया ने आंटी को इसे दो बराबर हिस्सों में काटने को कहा और आंटी ने कर दिया । अब 2 टुकड़े थे हर एक 1/4 ककड़ी के बराबर । तानिया ने आंटी को इन्हें भी आधे आधे करने को कहा और आंटी ने कर दिया । इस तरह 4 टुकड़े बन ग​ए और हर एक टुकड़ा 1/8 ककड़ी के बराबर था । तीनो बच्चों ने एक एक टुकड़ा खा लिया । एक टुकड़ा जो 1/8 ककड़ी के बराबर था, बच गया ।

तानिया ने आंटी को इस 1/8 ककड़ी के टुकड़े को भी वही करने के लिए कहा जो उसने 1/2 ककड़ी के टुकड़े को किया था । आंटी ने इस 1/8 ककड़ी के टुकड़े को दो आधे आधे हिस्सों में काटा और अब एक टुकड़ा 1/16 ककड़ी के समान था । उसने फिर दोनो 1/16 टुकड़ों को भी आधा कर दिया ताकि अब 4 टुकड़े हो गए और हर टुकड़ा 1/32 ककड़ी के समान था ।

इन चार टुकड़ों में से तीनो बच्चों ने एक एक ले लिया । फिर एक टुकड़ा बच गया यानि एक ककड़ी का 1/32 भाग बच गया ।  तानिया के मुंह खोलते ही आंटी ने उसे डांटा और कहा बस और कटाई नहीं होगी ।

टिन्कू: पता नहीं मुझे ककड़ी का हिस्सा ठीक से मिला या नहीं । मुझे 2/3 ककड़ी मिलनी चाहिए थी क्योंकि 2 ककड़ियां हम तीनो में बराबर बराबर बांटी  जानी चाहिएं थी ।

तानिया: नहीं, क्योंकि एक छोटा टुकड़ा बचा है । लेना है तो ले ले ।

एक असंख्य सीरीज़:1/2 + 1/8 + 1/32….

टिन्कू: मेरी छोटे टुकड़े की कोई इच्छा नहीं है ।  मैं तो केवल हर चीज़ की पूरी तरह से  गणना करना चाहता हूं ।

तानिया: तो सुन । हम ने पहली बार 1/2, दूसरी बार 1/8 और तीसरी बार 1/32 ककड़ी ली थी । तो कुल हर एक ने 1/2 + 1/8 + 1/32 यानि 16/32 + 4/32 +1/32 = 21/32  ककड़ी खाई है ।

टिन्कू: मुझे तो 2/3 ककड़ी मिलनी चाहिए थी ।

तानिया: हां मैं अभी समझा रही हूं । 32 और 3 का सार्व गुणज (common multiple) 96 है ।  इस लिए मैं हर को 96 बनाऊंगी ।  हमें 21/32 को यानि 63/96 ककड़ी मिली पर  2/3 यानि 64/96 मिलनी चाहिए थी ।

पुरु ने सोचा कि ऐसे तो कभी भी 2/3 ककड़ी नहीं मिलती, चाहे उसकी मांजी हज़ार बार काटती । बस यह तो तानिया ने एक खेल बना लिया था । वह हसने लगा, और तानिया और टिन्कू उठकर अपने अपने घर चले ग​ए ।

चुनौती

तुम्हारे पास एक 24 फांकों वाला पार्टी पिज़्ज़ा है और दस दोस्तों में इसे  बराबर बराबर बांटना है । इसका मतलब है कि हर एक को इसका दसवां भाग (1/10) मिलना चाहिए ।  क्या किया जाए ? मांजी किसी भी फांक को चाकू से आधा आधा करने के लिए तैयार है ।

उत्तर:  पहले हर दोस्त दो दो फांकें यानि 2/24 पिज़्ज़ा ले ले । तब 4 फांकें यानि 4/24 पिज़्ज़ा बच जाएगा । हर फांक के दो भाग कर दो और फिर हर भाग के दो भाग कर दो । इस तरह 16 टुकड़े हो जाएंगे और हर टुकड़ा 1/96 पिज़्ज़ा होगा । हर दोस्त एक एक टुकड़ा खा ले तो 6 टुकड़े बच जाएंगे – हर टुकड़ा होगा 1/96 पिज़्ज़ा । इन्हें फिर दो बराबर के भागों में काटने से 12 टुकड़े, हर एक टुकड़ा होगा 1/192 पिज़्ज़ा । सब दोस्तों के एक एक टुकड़ा खाने के बाद दो टुकड़े बच जाएंगे । इस तरह हर दोस्त ने 2/24 + 1/96 +1/192 =  16/192 +2/192 +1/192 = 19 /192 = 190/1920 पिज़्ज़ा खा लिया । पूरे पिज़्ज़ा को दस बराबर के भाग में बाटने से हर एक को 192/1920  पिज़्ज़ा मिलना चाहिए था ।

या तो काटते रहें और या इसी से प्रसन्न हो जाएं ।  कभी किस्सा समाप्त नहीं होगा क्योंके 10 के गुणखंड (factors) हैं 5 और 2 हैं, पर पिज़्ज़ा के केवल गुणखंड में तो केवल 2 या 3 आते हैं (24 = 2 x 2 x 3) और मांजी तो हर बार 2 भागों में ही काटती हैं  ।