मिथाली राज और महिला क्रिकेट

ankafig.29.1महिला क्रिकेट

तानिया को पता लगा कि महिलाएं भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलती हैं । उसे अखरता था कि उसकी मांजी भागी कभी महिला क्रिकेट के बारे में बात ही नहीं करती थी । एक दिन उसने कहा, “मांजी, वैसे तो आप परम महिलावादी रानी की झांसी की पूजा करने का दावा करती हैं, पर महिला क्रिकेट की ओ डी आई की न तो आपने बात की है न ही मुझे दिखाई है” । महिला ओ डी आई भी टीवी पर आती हैं और उन्हें भी रिकार्ड किया जा सकता है । भागी ने इस वार्तालाप को अनसुना कर दिया ।

मिथाली राज – महिला क्रिकेट की उच्चस्तर खिलाड़ी

तानिया भी जानती थी कि मांजी से कैसे कुछ करवाना है । एक दिन उसने मांजी से पूछा, “आपकी सर्वप्रिय महिला क्रिकेट खिलाड़ी कौन है ?”  मांजी ने कहा, “मेरी सर्वप्रिय महिला क्रिकेट खिलाड़ी मिथाली राज है । मिथाली ने दस वर्ष की आयु में क्रिकेट खेलना आरम्भ किया था और सत्रह वर्ष की आयु में वह भारत की टीम के लिए चुनी गई थी । मैं अपने कालेज के दिनो से ही उसकी भारी प्रशंसक हूं ।”  इस तरह तानिया ने मांजी के दिल में इच्छा भर दी कि वह मिथाली राज वाले आगामी खेल को रिकार्ड करें । जो तानिया चाहती थी, उसे मिल गया । आगे देखें कि क्या हुआ ।

मांजी: सुन तानिया, भारत और इंग्लैंड की महिला क्रिकेट का एक मैच आने वाला है । मैं इसे रिकार्ड करके तुझे दिखा दूंगी पर एक शर्त पर ।

तानिया: मांजी, क्या शर्त है ?

मांजी: समय आने पर बता दूंगी ।

जुलाई 1, 2012 को मांजी ने भारत और इंग्लैंड के बीच ओ डी आई को रिकार्ड किया ।  तानिया ने दीपिका, पुरु और टिन्कू को बताया । टिन्कू और पुरु इस खेल को नहीं देखना चाहते थे क्यों कि यह तो केवल महिला क्रिकेट थी । तानिया के झिड़कने के बाद टिन्कू आने के लिए मान गया । स्कूल की एक दोस्त मनाल भी यह खेल देखना चाहती थी, तानिया ने उसे भी बुला लिया ।

स्कोर का लेखा

तानिया की मांजी ने टीवी पर रिकार्ड किया हुआ खेल चला दिया । सारे बच्चों ने खेल को दिल से देखा । पहले इंग्लैंड की टीम ने बल्लेबाज़ी की । टिन्कू ने पूरा व्यौरा रखा – किस खिलाड़ी ने कितनी रन बनाई, कितनी सिंगल, डबल या चौके थे । छिक्के तो गिने चुने ही थे । मनाल टीम की रनो का हिसाब रखना चाहती थी । सबसे अधिक रन एक अर्रन थाम्सन नाम की खिलाड़ी की थी । टीम का स्कोर 229 रन था, 49.2 ओवर में । क्यों कि 49.2 ओवर का अर्थ होता है 49 ओवर और दो बाल, तो यह 296 बाल हो गईं ।   उन्हों ने गणन किया कि टीम का रन रेट 229/49.2 यानि 4.65 था । बेचारी तानिया तो सोच में ही पड़ी रही कि मांजी की शर्त क्या होगी ।

तानिया की मांजी: टिन्कू, सुना है कि तुम हर खिलाड़ी की हर रन का लेखा रख रहे हो । जारी रखो । मैं भारत की टीम के हर खिलाड़ी का स्कोर जानना चाहती हूं विशेषकर मिथाली राज का । तुम सब ध्यान से मैथिली राज को देखना – केवल स्कोर ही नहीं उसके खेलने का ढंग भी । मैं रिकार्डिंग को तीव्रता से आगे कर देती हूं ताकि वह भारत की बल्लेबाज़ी से शुरू हो ।

टिन्कू ने हर बल्लेबाज़ के हर खेल का पूरा लेखा रखा, और उसका कुल स्कोर भी लिखा ।

मनाल: इंग्लैंड की टीम ने 229 रन बनाए थे, अब जीतने के लिए भारत को कम से कम 230 बनाने होंगे । मैं टीम के स्कोर का लेखा रखूंगी ।

चारों ने खेल को ध्यान लगा कर पूरी दिलचस्पी से देखा । पहले बल्लेबाज़ थीं मोना मेश्रम और पूनम रौत । मोना ज्यादा देर तक नहीं टिकी और 9 रन बना कर आउट हो गई । अब मोना के स्थान पर मिथाली राज आ गई । पूनम और मिथाली राज खेलती रहीं जब तक पूनम आउट हो गई, पर ठोस 60 रन बना कर । फिर हर्मनप्रीत कौर डट गई मिथाली के साथ, पर 50 रन बना कर आउट हो गई । मिथाली डटी रही अपनी नई साथी क्रिश्नामूर्ती के साथ, पर यह साथी भी 8 रन बना कर आउट हो गई । मिथाली खेलती रही अब  नायक के साथ  जो बिना कोई रन बनाए ही आउट हो गई । अब मिथाली की नई साथी गोस्वामी थी । गोस्वामी ने न ही कोई रन बनाए और न ही वह आउट हुई क्यों कि भारत की टीम 230 रन बना कर जीत चुकी थी । इनमें 94 रन मिथाली राज (नाट आउट) के थे और 8 एक्स्ट्रा रन थे । भारत की टीम ने यह 230 रन 49.3 ओवर में बनाए थे, केवल 5 खिलाड़ियों के आउट होने के बाद ।

शलाक ग्राफ़

टिन्कू कुछ बोलने ही वाला था कि तानिया की मांजी आ कर कहा, “तुमने देखा कितनी शान से मिथाली ने बल्लेबाज़ी कर के भारत को जिता दिया । उसे खेल की खिलाड़ी होने का आदर दिया गया है ।”

तानिया: मांजी, आपने कहा था कि यदि मैं यह  खेल देखूंगी तो मुझे कुछ करना पड़ेगा । क्या है वह कार्य ?

मांजी: यह ले, मैं तेरे लिए यह ग्राफ़ पेपर (चित्र कागज़) लाई हूं । इस पर क्षैतिज (horizontal) रेखाएं और लम्ब (vertical) रेखाएं छपी हुई हैं । कई तरह के ग्राफ़ पेपर होते हैं । इसमें मोटी और पतली रेखाएं हैं । लम्ब अक्ष (axis) की मोटी रेखाओं को 10 रन के अंतर पर मान लेना ।  क्यों कि हर दो मोटी रेखाओं के बीच 5 पतली रेखाएं हैं, पतली रेखाएं दो-दो रन की दूरी पर हो जाएंगी । क्षैतिज अक्ष पर बल्लेबाज़ों के नाम लिख देना और हर बल्लेबाज़ के नाम पर एक लंब शलाक (bar) बना देना जिसकी ऊंचाई उसकी रनों के बराबर हो । इस तरह के ग्राफ़ को शलाक चित्र कहते हैं, इसे देखकर सरलता से पता लगेगा कि हर  खिलाड़ी ने कितना अच्छा काम किया था । ग्राफ़ पर इसका शीर्शक लिखना और लम्ब लक्ष के बाईं ओर हर मोटी रेखा की रन संख्या  का लेबल भी दिखाना । अच्छा काम करो और फिर मुझे दिखाओ । तब तक मैं चारों के लिए जलपान तैयार करूंगी ।

ankafig.29.2            चारों बच्चों ने मिल कर ग्राफ़ पेपर का निरीक्षण किया और उसे समझा (चित्र देखें) । उन्हों ने निर्णय किया कि उसपर लिखने का कार्य तानिया का होगा क्यों कि उसकी मांजी ने यह काम उसे सौंपा था । बल्लेबाज़ों के नाम उसी क्रम में लिखे ग​ए जिसमें वह मैदान पर खेलने आए थे । हर नाम के ऊपर एक शलाक बनाई गई जिसकी ऊंचाई उसकी रन संख्या जितनी थी । इस शलाक चित्र से साक्षात था कि मिथाली का खेल सर्वोत्तम था पर फिर भी मनाल ने राय दी कि चित्र प्रकट करे कि मिथाली नात आउट थी । यदि भारत की टीम जीती न होती तो शायद वह सैंचरी (शतक) भी बना लेती । इस लिए उसकी शलाक पर एक सितारा लगाया गया और नाट आउट भी लिखा गया ।

तानिया की मांजी जलपान लेकर आईं और पूछा, “बल्लेबाज़ों का औसत स्कोर क्या था ?”

तानिया: 37 क्यों कि कुल स्कोर था 230 जिसमें से 8 रन एक्स्ट्रा थी । तो बल्लेबाज़ों का स्कोर हुआ 222 जो कि 6 खिलाड़ियों ने बनाया था । इस लिए बल्लेबाज़ों का औसत स्कोर 222/6 यानि 37 था ।

मांजी: बहुत अच्छा शलाक ग्राफ़ बनाया है । अब जलपान करो, और तानिया, यह चित्र दादीजी को दिखा ।

दादीजी ने इसे देख कर कहा: तेरा चित्र कहता है कि मिथाली सबसे अच्छी है ।

तानिया अभी भी मिथाली के प्रदर्शन में दिलचस्पी रखती है । जुलाई 2017 में उसने मांजी को आकर बताया, “अब मिथाली पहली ऐसी ब्ल्लेबाज़ बन गई है जिसने नारी क्रिकेट की ओ डी आई में जीवनकाल में 6000 रन बनाए हों । और हां, उसने यह कांड एक सिक्सर लगा कर संपूर्ण किया ।”

चुनौती

इन्टर्नैट या समाचार पत्र से एक आजकल की भारत की नारी क्रिकेट की ओ डी आई का स्कोर देखो । खिलाड़ियों के रनों का एक शलाक चित्र बनाओ ।

इसका उत्तर यहां नहीं दिया जा सकता क्यों कि हमें नहीं पता की तुम कौन सी ओ डी आई चुनोगे ।