मैडम बैनर्जी नें होमवर्क दिया

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रैखिक और द्विघातीक संबंध

मैडम बैनर्जी: जब अर्जुन के साइंस फ़ेयर में भाग लेने के कारण क्लास को द्विघाती संबंधों का ज्ञान हो गया है, हम इसे आगे बढ़ाएंगे । मैं तुम्हें यह विषय कुछ दिनो बाद पढ़ाने लगी थी पर हम इसे आज भी शुरू कर सकते हैं  ।  सैरा, क्या तू क्लास को इस संबंध के बारे में कुछ बता सकती है ?

सैरा: हां, पर  मुझे केवल थोड़ा सा ही आता है ।

मैडम बैनर्जी: तो चल, क्लास के सामने आगे आकर शुरू कर ।

सैरा: हैलो साथिओ, आप सब की तरह मैने भी अभी यह विषय सीखना है । क्या आप को याद है जब हमने पढ़ा था कि  एक रैक्षिक संबंध होता है ?  उदाहरण के तौर पर आपकी स्थिति निर्भर  करती थी कि आप कहां से चले थे और इसका आपकी गति गुणा कुल चलने का समय । मेरे विचार में सब को यह याद होगा ।

हमेशा इतना सरल नहीं होता । दो चरवस्तुओं  (variables) के बीच हमेशा रैखिक संबंध नहीं होता । अर्जुन ने आप को एक घुमावदार रेखा चित्र दिखाया । हम कल्पना करेंगे कि छात्रों ने मोबाइल का काम अच्छी शिक्षा के लिए किया जैसे नए स्रोत खोजने के लिए या एक दूसरे से सीखने के लिए । इस लिए मोबाइल प्रयोग के साथ परीक्षा में नंबर बढ़े ।  पर जो भी समय मोबाइल पर लगाया उसे पढ़ाई पर नहीं लगा सके ।  तो ज़रूरत से ज़्यादा समय मोबाइल पर लगाने का पढ़ाई पर बुरा असर पड़ा और नंबर घटे  जिसकी चेतावनी हमें मैडम जी ने दी थी । अब एक ही क्रिया के दोनो प्रभावों के लिए एक समीकरण बनाना था । इस लिए मैने राय दी कि क्षैतिक के बजाय हम द्विघाती संबंध को देखें ।  साधारण रूप से एक द्विघाती समीकरण को y = ax2 + bx + c लिखा जाता है  ।  हमने देखा कि अर्जुन के डेटा का विवरण द्विघाती समीकरण : y =  -2.4x2 + 1.6 x + 76.8 से सर्वोत्तम हुआ । अब लगता है कि मैडम बैनर्जी हमें इस विषय का और ज्ञान देंगी, धन्यवाद ।

मैडम बैनर्जी: तुम सब जानते हो कि एक द्विघाती समीकरण को लिखा जाता है y = ax2 + bx + c । आम तौर पर तुम्हें कहा जाएगा कि यदि  ax2 + bx + c = 0  तो x क्या है ?

तुम एक द्विघाती समीकरण को हल करने की चार विधियां सीखोगे: रेखा चित्र बनाना, गुणनखंड करना, वर्ग को पूर्ण करना और द्विघाती सूत्र । उसके बाद तुम शीर्ष की धारणा भी सीखोगे । मैं इस काम को 5 गुटों मे बांट दूंगी । अगली क्लास में दो गुट पहली दो विधियों के बारे में बताएंगे और उससे अगली क्लास में हम बाकी दो विधियां और शीर्ष करेंगे । मैं गुटों के सदस्यों के नाम तुम्हें भेज दूंगी ।

ग्राफ़ से द्विघाती समीकरण का हल

vertex1टिंकू: द्विघाती समीकरण का हल निकालने के लिए हमने अर्जुन का मोबाइल प्रयोग और  शैक्षिक कार्य-निष्पादन में संबंध के ग्राफ़ का का प्रयोग किया था । क्योकि हम    -2.4x2 +9.6x + 76.8 = y  समीकरण का हल निकालना चाहते थे, हमने इसका एक अखंड रेखा चित्र बनाया, जिसका x डोमेन काफ़ी बड़ा था ।  फिर हमने उन x संख्याओं को देखा जहां y की संख्या शून्य थी ।  हमें  x = -4 और x = 8,  यह दो उत्तर मिले । अब  x = -4 तो निरअर्थक था क्यों कि कैसे कोई माइनस घंटों के लिए मोबाइल का प्रयोग करेगा । इस लिए x = 8  हमारा उत्तर है ।   यदि कोई 8 घंटे प्रतिदिन मोबाइल का प्रयोग करेगा, उसे सोने, खाने, पीने, पढ़ाई, होमवर्क और स्कूल का समय कैसे मिलेगा, इस लिए उसके 0 % नंबर आएंगे ।

गुणखंडन से द्विघाती समीकरण का हल

दीपिका: हमने भी अर्जुन के द्विघाती समीकरण -2.4x2 + 9.6x + 76.8 = 0  को हल किया पर हमने गुणखंडन की विधि लगाई  ।  पहले तो यह कार्य बड़ा कठिन लग रहा था पर फिर किसी ने एक सलाह दी जिससे हमारा काम सरल हो गया । हमने इस समीकरण की दोनो भुजाओं को -2.4 से भाग किया तो नया x2 – 4x -32 = 0  समीकरण बन गया । अब, 32 = 4 × 8    और 8 – 4 = 4,  और बाइं भुजा में 4 की संख्या है । इस लिए गुण्खंडन के बाद   (x-8) (x+4) = 0  हमारा नया समीकरण बन गया । इसलिए या तो  x – 8 = 0 जिससे मिला x = 8, और या x + 4 = 0 जिससे x = -4  मिला ।  तो हमारा उत्तर भी वही था पर हमने x = -4    की ओर कोई ध्यान नहीं दिया ।

मैडम बैनर्जी: शाबाश, दोनो विधियों से वही उत्तर निकले । अब मैं क्लास को 6 द्विघाती समीकरण दूंगी और हर विद्यार्थी को उनका हल दोनो विधियों से निकालना है । बाकी विधियां अगली क्लास में सीखेंगे ।

वर्गपूर्ती से द्विघाती समीकरण का हल

जानी: हमें अपनी बीजगणित की पुस्तक से पता लगा कि वर्गों को पूर्ण करने वाली विधि में द्विघाती समीकरण को इस रूप से लिखा जाता है कि इसमें केवल एक ही  चरवस्तु  हो और एक नियत संख्या । पिछले गुट की तरह हमने भी समीकरण   -2.4x2 + 9.6x + 76.8 = 0    की दोनो भुजाओं को -2.4 से भाग करके  समीकरण x2 – 4x -32 = 0  पाया । फिर हमने सोचा कि क्या x2 – 4x   का प्रयोग करके एक पूर्ण वर्ग बन सकता है ?

क्योंकि   (x – 2)2 = x2 – 4x + 4  , इसलिए  x2 – 4x  = (x -2)2 – 4 हो गया ।

तब हमने समीकरण  x2 – 4x -32 = 0 से  (x – 2)2  = 32 + 4 = 36 बनाया   ।

इस से मिल गया x -2 = ±√36 यानी x – 2 = ± 6. जिसका मतलब हुआ कि x = -4 या +8 ।  वही उत्तर जो पहली दो विधियों से मिला था ।

द्विघाती समीकरण के हल के लिए एक व्यापक सूत्र (generalized formula)

सैरा: हमें सारी द्विघाती समीकरण को हल करने की क्षमता वाला एक व्यापक सूत्र को निकालने के लिए कहा दया था । हमने पिछले गुट की वर्गपूर्ती वाली विधि से इस सूत्र को निकाला ।

सामान्य समीकरण था  ax2 + bx + c = 0, इसकी दोनो भुजाओं के a से भाग करके x2 /a + xb/a + c/a = 0 यानी x2 /a + xb/a = – c/a   मिला ।

वर्गपूर्ती के लिए हमने दोनो भुजाओं मे   (b/2a)2  का योग कर दिया ताकि x2 /a + xb/a + (b/2a)2 = – c/a + (b/2a)2 यानी  (x + b/2a)2 = – c/a+(b/2a)2    बन गया ।

दोनो भुजाओं का वर्गमूल लेने से आ गया:

x + b/2a = ±√(- c/a+(b/2a))2  =  ±(√((b2-4ac)/2a

जिस से हमने निकाला  x = (-b ± (√(b2-4ac)))/2a

इस सूत्र में   ax2 + bx + c = 0   समीकरण की a, b  और c संख्याएं डालने से हल मिल जाएगा । I

अर्जुन का समीकरण था  -2.4x2 + 9.6x + 76.8=0.  जब a = -2.4, b = 9.6 and c = 76.8  हमारा भी x = 2 ± 6 ही उत्तर आया ।

मैडम बैनर्जी: सैरा, तूने तो सूत्र निकालने का काम को अपनी चतुराई से सरल बना दिया ।

शीर्ष (vertex) क्या होता है ?

अर्जुन का समीकरण  y = -2.4x2 + 9.6x + 76.8 था  । चारों गुटों ने इसका हल निकाला जब y = 0  हो  ।  y थे परीक्षा में नंबर । कभी भी मेरी इच्छा नहीं होती कि परीक्षा में मेरे शून्य नंबर आएं  ।  मैं और मेरे मां बाप तो चाहते हैं कि मैं अधिक से अधिक नंबर लाऊं और चोटी पर पहुंचूं  । तो अब मैं अपने उद्येश्य की बात करूंगी कि y अधिकतम कब होता है ।

गुट 1 ने हमें एक रेखा चित्र दिखाया था जब बढ़ते हुए x के साथ, पहले तो y ऊपर गया और फिर यह नीचे गिरने लगा । x की एक संख्या थी जब y अपने शीर्ष पर था । उस x पर ना तो y ऊपर जा रहा था और ना ही नीचे । क्या थी वह x की संख्या ?  मुझे तो यह जानना है । समीकरण   y = ax2 + bx + c का स्लोप   2ax + b  है । शीर्ष पर यह स्लोप शून्य होगा यानी  2ax + b = 0

होगा ।  जिसका मतलब x = -b/2a  पर शीर्ष होगा । समीकरण y = -2.4x2 + 9.6x + 76.8    में  a = -2.4 और  b = 9.6, 2ax + b = 0, जब x = 2 है  ।  वैसे रेखा चित्र को देखने पर भी परिक्षा के नंबरों का शिखर लगभग दो घंटा प्रतिदिन प्रयोग पर होता है ।  अंत में यह नया रस्ता दिखाने के लिए अर्जुन को मैं  धन्यवाद देती हूं ।

मैडम बैनर्जी: दीपिका, वार्तालाप के लिए धन्यवाद । यह शीर्ष का आधार इस समीकरण में शीर्ष को उच्चतम दिखाता था । यदि रेखा चित्र इसका उल्टा होता और स्लोप न्यूनतम स्थान पर शून्य होता तो भी यह आधार लागू होता । सारी क्लास से में कहूंगी हमने केवल द्विघातीक की बात की है, पर तृतीय और उससे ऊंची संख्याओं वाले घातीक भी होते हैं ।

माला: मैडम जी, हमने द्विघातीक के हल के बारे में तो सीख लिया । यह एक निरर्थक सिद्धांत है  या इसका कोई अनुप्रयोग भी है ? अर्जुन को भी लोगों ने कह दिया की यह रेखा चित्र का आकार केवल एक दैवयोग भी हो सकता था ।

सैरा ने उत्तर देने के लिए हाथ खड़ा किया पर मैडम जी ने उसे नज़रअंदाज़ करते हुए कहा:  मै क्लास को 5 गुटों में बांट रही हूं । अगली क्लास में हर गुट को एक अनुप्रयोग और उसका पूरा गणित समझाना होगा ।

जोगी: मैडम जी, जब सैरा ने हल दिया था, उसमें (b2-4ac) का वर्गमूल लिया था । यदि (b2-4ac) नैगेटिव हो तो क्या फिर भी इस सूत्र का प्रयोग किया जा सकता है ?

मैडम बैनर्जी: हां, नैगेटिव के वर्गमूल पर किसी और समय इसकी बात करेंगे ।