प्रिया का होमवर्क

priyakahomeworkप्रिया का होमवर्क

प्रिया अपनी मां जी की टी-शर्ट की दुकान पर बड़ी मेहनत से काम करती थी । बेचारी को जादूगर की तरह दोनो काम साथ साथ संभालने पड़ते थे: दुकान का और स्कूल का ।  हां, अभी वह स्कूल में ही थी । अच्छा हुआ कि उसने सैरा से दोस्ती कर ली ।  इस दिन वह सांख्यिकी (statistics) की क्लास की सहायता के लिए सैरा के पास पहुंची । वह क्लास में जाती तो थी पर उसे कुछ भी समझ नहीं आ रहा था ।

प्रिया: सैरा, तेरी सहायता चाहिए । तू मुझे सब कुछ अच्छी तरह समझाती है और वह मेरे दिमाग में घुस भी जाता है । मैं सांख्यिकी  की पुस्तक पढ़ती हूं तो मुझे कुछ भी समझ नहीं आता ।  मैं उम्मीद कर रही थी कि तू मुझे इसके होमवर्क में सहायता दे दे ।

सैरा: हां ठीक है, कोशिश करूंगी ।

चित पट के खेल

प्रिया: पहला प्रश्न तो सरल है और इसे मैं भी कर सकती हूं । एक सिक्का उछालो तो चित आने की क्या संभावना है ?  मेरा उत्तर है कि उछाल पर चित या पट आने की समान ही संभावना है । इस लिए चित  आने की संभावना 1/2 होगी ।

सैरा: ठीक ।

प्रिया: मुझे पता है कि होमवर्क खतम करना है पर एक मनोरंजक कहानी मुझे बार बार याद आती है । तू जेन और लिंडा को जानती है ना,  दोनो हमेशा इकट्ठी रहती हैं । एक दिन स्कूल के पीछे दोनो बैठी एक गेम खेल रही थी । एक सिक्के को हवा में उछाला । यदि चित आया तो जेन लिंडा के होठों पर चुम्मा लेगी, पर यदि पट आया तो लिंडा चुम्मा लेगी जेन की गाल पर । सिक्के को उछालने पर चित आया, तो जेन ने लिंडा की मज़े से चुम्मी ली ।

सैरा: बस यही कहानी है क्या ?

प्रिया: नहीं, अभी और बाकी है । जेन ने कुल 4 बार सिक्का उछाला और हर बार चित आया, और हर बार जेन ने लिंडा के होठों की चुम्मी ली । फिर उन्होंने निर्णय किया कि अब लिंडा सिक्का उछालेगी ।  ऐसे भी चार बार चित आया और जेन चुम्मी लेती रही । स्कूल के लड़के लड़कियां भी खड़े हो कर तमाशा देख रहे थे पर जेन और लिंडा को कोई परवाह नहीं थी ।

जब 8 बार लगातार चित आया तो जो ने  कोई बड़ी शर्त लगाने को कहा ।

जिम ने जो को बड़ी शर्त लगाने की चुनौती दी और कहा कि अगली बार पट ही आएगा क्योंकि चित इतनी बार आ चुका है ।

सैरा: तो फिर क्या हुआ ?

प्रिया: जो वहां से चला गया पर क्या तेरी सोच में जिम ठीक कह रहा था ?

सैरा: नहीं, जिम गलत कह रहा था । क्योंकि यह एक निष्पक्ष सिक्का था, कभी भी इसे उछालने पर चित आने की संभावना 1/2 ही होगी । पिछली बार क्या हुआ, अगला उछाल उसे अनाधीन है ।  चाहे पिछली 1000 बार चित आया हो, अगली बार चित आने की संभावना 1/2 ही रहेगी ।

प्रिया: अगले प्रश्न में दो सिक्के हैं – मान लो एक निकल है और दूसरा डाइम । दोनो को इकट्ठे उछालने पर एक चित आने की क्या संभावना है ?

सैरा: सब स्थितियों की जांच कर ।  पहली है निकल का चित और डाइम का पट, दूसरी निकल का चित और डाइम का चित, तीसरी निकल का पट और डाइम का चित, और चौथी और अंतिम है निकल का पट और डाइम का पट । इन में से हर स्थिति समान है यानी उसके आने की संभावना 1/4 है । पर चाहे एक चित निकल पर आए या डाइम पर, इसका तो कोई महत्व नहीं ।  तो 4 में से 2 स्थितियों में एक चित आएगा । क्यों कि हर स्थिति की संभावना समान  है, तो एक चित आने की संभावना 2/4 यानी 1/2 होगी । यदि प्रश्न होता कम से कम एक चित तो उत्तर होता 3/4, इसलिए प्रश्नो को ध्यान से पढ़ कर, और सोच कर उत्तर दिया कर ।

जुए के और खेल

प्रिया: अगला प्रश्न है कि दो 6-तरफ़ी पांसे फैंकने पर, आई संख्याओं का योग करके 7 आने की क्या संभावना है । मैने सारी स्थितियां जांची, 36 स्थितियां थी जिनमें से 6 में योग 7 था । इस लिए उत्तर 6/36 या 1/6  है  ।

सैरा: तू तो बड़ी होशियार है । एक दम सीख गई । आगे क्या है ?

प्रिया: एक और किस्सा याद आ गया । जो और जिम एक खिलवाड़ में दो पांसे और एक सिक्का फैंक रहे थे । जो, पहले पांसे फैंकता था और फिर सिक्का पर जिम, सिक्कों और पांसों को इकट्ठे ही ।  इकट्ठे या अलग फैंकने का नतीजे पर क्या असर पड़ेगा ?

सैरा: कोई भी नहीं क्यों कि, सिक्के के चित और पट, पांसों पर निर्भर नहीं करते । हां, एक और बात । शायद तुम्हारे अध्यापक ने बताया होगा कि ऐसी स्थितियों का हल एक पेड़ (tree) बनाने की विधि से कर सकते हो । जैसे एक सिक्के की दोनो स्थितियों को दो शाखाएं बना दो । हस शाखा में से एक पांसा फैंकने की 6 स्थितियों को एक एक शाखा बना दो । ऐसे 2 x 6 यानी 12 शाखाएं बन गई । अब दूसरे पांसे की हर स्थिति की 6 छोटी शाखाएं इन 12 में से बना दो । ऐसे बनी 72 शिखाओं में सारी स्थितियां आ जाएंगी । इस विधि से और भी कठिन प्रश्नो का हल निकाल सकती हो । इसका व्यौरा Belcastro Math (https://www.youtube.com/watch?v=cogQtPFyZCA)  पर बड़ा स्पष्ट है ।

प्रिया: तीसरा प्रश्न एक लाटरी टिकट का है । कोई एक चंदे के लिए बनी लाटरी की टिकट बेच रहा था ।  कुल 40 टिकटों मे से जो ने 4 खरीद ली । पहले लाटरी में से पहले इनाम वाली टिकट निकाली जाएगी, फिर बची हुई टिकटों से दूसरे इनाम की टिकट और फिर बाकी में से तीसरे इनाम की टिकट । जो की अभिलाषा है कि तीनों इनाम  जीत जाए । जो की इच्छा पूरी होने की क्या संभावना है  ?

सैरा ने माना कि हर इनाम पिछले इनाम से स्वाधीन होगा । तो पहले इनाम के लिए 40 में से 4 टिकट थी तो उसके इसे जीतने की संभावना 4/40 या 1/10 थी ।

उसकी इच्छा पूरी होने के लिए अनिवार्य था कि वह पहला इनाम जीते । ऐसा होने पर कुल 39 टिकट बचेंगी जिन में से 3 जो की हैं । तो  दूसरा इनाम जीतने की संभावना 3/39 या 1/13 है ।   इसी तरह अब 38  टिकट बचेंगी जिन में से 2 जो की हैं ।  तो  तीसरा इनाम जीतने की संभावना 2/38 या 1/19 है । इच्छा पूरी होने के लिए तीनो इनाम पाने होंगे जिसकी संभावना 4/40 x 3/39 x 2/38 or 0.00405 = 14/40 x 3/39 x 2/38 or 0.00405 होगी ।  क्योंकि    1/2470 = 0.00405, यह भी कह सकते हैं कि उसकी इच्छा पूरी होने का 2470  में से एक मौका है ।

बैठने के स्थानो के कितने क्रम संभव   हैं ?

प्रिया: स्कूल के होमवर्क के तो बस यही सवाल थे पर एक और प्रश्न मेरी जिज्ञासा के कारण है । आज शाम को 7 बजे साउथ गोर्मे होटल में एक डिन्नर है जिसका मैं तुझे निमंत्रण दे रही हूं । आशा है कि, आए हुए लोग होंगे तू, मैं और तीन और लोग । यदि कोई कहीं भी बैठ सकता हो तो बैठने के स्थानो के कितने क्रम संभव   हैं ?

सैरा: यह दो अलग अलग सवाल हैं । पहले सवाल का जवाब है कि निमंत्रण के लिए धन्यवाद और मैं आऊंगी । दूसरे सवाल के जवाब से पहले बता कि हम सीधे एक लाइन में बौठेंगे या एक गोलधारा बनाकर ?

प्रिया: इससे क्या अंतर पड़ेगा ?

सैरा: यदि एक लाइन में हों, तू एक सिरे पर और में दूसरे पर तो हम दोनो दूर दूर होंगे, पर यदि एक घोलधारे में हों तो हम एक दूसरे के साथ साथ होंगे ।  यदि हम एक लाइन में बैठें तो पहले आने वाले के लिए 5 कुर्सियों में से एक का विकल्प होगा ।  जब दूसरा व्यक्ती आएगा तो केवल 4 विकल्प रह जाएंगे, तीसरे के लिए 3, चौथे के लिए 2 और बेचारे पांचवें के तो एक ही कुर्सी बचेगी । इस तरह पांचों के बैठने के लिए 5 x 4 x 3 x 2 x 1 = 120   क्रम संभव होंगे ।  गणित में इसे 5 हत (factorial ) या 5! लिखते हैं ।

प्रिया: और यदि हम गोलधारा बनाएं तो ?

सैरा: 5 लोगों का एक गोलधारे में बैठने के लिए 4! यानी 24 अलग अलग क्रम बन सकते हैं ।

प्रिया: यह तो केवल मेरी जिज्ञासा थी । मैं तेरे और मां जी के बीच बैठूंगी । शाम को डिन्नर पर मिलेंगे ।