जुड़वां पहाड़ियां

fig.c2.0जानी और सैरा – दो प्रेमी

जानी और सैरा इकट्ठे घूमते फिरते रहे और एक दूसरे के घर जाते रहे, जैसा दो प्रेमी करते हैं । हां, वह कभी कभी  Calculus की पुस्तक भी पढ़ लेते था । जानी ने सैरा से पूछा कि वह उसे यह विषय सिखाना क्यों शुरू कर दिया था ।

सैरा: इसके तीन कारण हैं । पहला तो मैं Calculus  की पुस्तक को स्वयं पढ़ना चाहती थी तो मैने सोचा कि यह काम तेरे साथ मिल कर करना अच्छा होगा । दूसरा कि मुझे पता था कि तू  Calculus के लिए तू मेरी सहायता मांगेगा ।

जानी: मैने सहायता मांगी तो नहीं । तू कैसे कह सकती है कि मैं ऐसा करूंगा ।

सैरा: इधर आ, मुझे चुम्मा दे मेरे प्रेमी । मैं तेरा दिमाग पढ़ लेती हूं ।

जानी ने उसे चुम्मा दिया और फिर कहा: तो बता कि मैं अब इस वक्त  क्या सोच रहा हूं ।

सैरा: इस समय तू दो बातों के बारे में सोच रहा है । जिनमें से पहली है कि तीसरा कारण क्या था ।

जानी: हां, तूने कहा था कि तीन कारण थे । तीसरा क्या था ।

सैरा: तेरे साथ साथ काम करने में मज़ा आता है और मैं सरलता से सीख जाती हूं ।

जानी: तू तो सचमुच मेरे दिमाग को पढ़ लेती है । मैं तीसरे कारण के बारे में सोच रहा था । अब बता कि मैं और क्या सोच रहा था ।

सैरा: तू मुझे फिर से डेट पर जाने का पूछने लगा था ।

जानी: मेरी प्यारी सैरा, मैं मां से पूछता हूं कि किस दिन सैर के लिए कार मिल सकती है ।

जानी अपनी मां से बात करने गया ।

जानी: मां, मैं किस दिन तुम्हारी कार लेजा सकता हूं ?  मैं सैरा को डेट पर लेजाना चाहता हूं । याद है, तुमने कहा था कि मैं सैरा को सैर कराने के लिए कार लेजा सकता हूं ।

मां: आज तो नहीं, कल लेजाना ।

जानी ने सैरा से पूछा कि यदि वह अगले दिन जा सकती है । सैरा ने एक दम हां कह दी ।

माउंट्विन की सैर

सैरा और जानी ने आस पास के स्थान देख कर सोचा कि  वह माउंट्विन की सैर को जाएंगे क्योंकि यह एक सुरम्य सफ़र होगा । उनके अपने शहर के थोड़े से पश्चिम की ओर जाने के बाद दो छूती हुई एक जैसी पहाड़ियां थी जिन्हें लोग जुड़वां पहाड़ियां कहते थे । उनकी दूसरी ओर था यह शहर माउंट्विन ।

अगले दिन जानी अपनी मां की कार लेकर दोपहर के बाद सैरा के घर उसे लेने गया, और वहां से दोनो गए । थोड़ी दूर पश्चिम जाने के बाद वह इस सुरम्य मार्ग पर पहुंचे । यह सड़क दो पहाड़ियों के बीच में थी । दोनो पहाड़ियों का नीचे का भाग घुमावदार था । बड़ा सुहावना दृश्य था जिसमें आलीशान हरी हरी घास, लंबे लंबे पेड़ और छोटी छोटी झीलें शामिल थी । रास्ते में एक झील के पास एक पार्क मिला । उन्होंने उतर कर इसका आनंद लिया और यहां फ़्रिस्बी भी खेले । थोड़ी देर बाद वह कार में फिर से मोउंट्विन की ओर चलते ग​ए ।

जानी: तू क्या कर रही है ?

सैरा: कुछ नहीं, अपने जी पी एस पर  co-ordinates रिकार्ड करने के लिए फ़ोन पर टिक टिक कर रही हूं  ।  तुझे परेशान नहीं करूंगी  ।  कुछ पल छोड़ कर करती रहूंगी । कार चलाए जा और पहाड़ों के दृश्य का भी आनंद ले ।

जानी गाड़ी चलाता रहा और फिर वह माउंट्विन शहर में पहुंच गए । या छोटा सा शहर था जिसका पूरा बाज़ार केवल एक नगर-चत्वर था । शहर में एक स्कूल और एक मनोरंजन क्षेत्र भी थे ।

माउंट्विन के नगर-चत्वर में एक रैस्टोरैंट था । जानी और सैरा उसमें गए । यह एक छोटी सी जगह थी पर इसमें  एक  कोने पर नृत्यांगन भी बना हुआ था । उन्होंने मेनू देखकर अपने भोजन का आदेश दिया । खाते हुए उन्होंने देखा कि कोने में एक कंप्यूटर रखा था । लोग इससे अपनी चाहत के गाने बजा लेते थे और यदि इच्छा हो तो नाच भी सकते थे ।

जानी: डांस करें ?

सैरा: नहीं । डांस की बजाय, क्या हम उस पार्क में  फिर जा सकते हैं, जहां आते समय गए थे ?  वहां थोड़ी देर टहल लेंगे ।

जानी ने महिला वेटर से बिल लाने के लिए कहा ।

अचानक सैरा ने जानी से कहा, “हम बिल को आधा अधा बांट लेते हैं” ।

जानी: नहीं, मैं सारा बिल दूंगा ।

सैरा: पिछली बारी भी तूने पैसे दिए थे ।

जानी: मैने नहीं दिए थे । मेरी मां चाहती थी कि मैं तुझे डेट पर ले जाऊं और उसने अपना क्रेडिट कार्ड मुझे दिया था ।  सच पूछे तो, वह अप्रसन्न थी कि हम ऐसे सस्ती जगह पर गए थे । आज फिर उसने अपना कार्ड मुझे दिया है ।

सैरा: पर तेरी मां क्यों पैसे दे हमारी डेट के ?

जानी: क्योंकि मैं उसका प्यारा बेटा हूं और शायद तू भी उसे अच्छी लगती है ।

जानी ने बिल चुकाया और प्रेम पंछी गाड़ी में झील के पास वाले पार्क की ओर गए । वहां थोड़ी देर रुक कर कार में फिर से आ गए । जानी ने सैरा को घर छोड़ा, वहां दोनो एक दूसरे को गुडनाइट कहा और फिर जानी भी घर लौट आया ।

सैरा ने सुबह उठ कर नैना के साथ नाश्ता किया । नैना ने पूछा कि डेट कैसी रही । उसके बाद दोनो गप शप करते रहे । सैरा का फ़ोन बजा । जानी फ़ोन पर था , और उसने सैरा को पूछा कि यदि वह थोड़ी देर के लिए उसके घर आ सकती है । सैरा जानी के घर गई और जानी को कुछ दिखाने के लिए अपना लैप टाप भी साथ ले गई ।

यह सड़क लहरदार थी

सैदार थीरा: जब हम माउंट्विन की ओर पहाड़ों के बीच पार्क छोड़ कर जा रहे थे, यह सड़क पूर्व से पश्चिम की ओर जा रही थी । तब मैने यह जी पी एस   co-ordinates रिकार्ड किए थे ।

Fig.c2.1

जानी: सड़क पूर्व से पश्चिम सीधी नहीं थी । यह सड़क लहरदार थी ।

सैरा: हां, यह रहा इस लहर का एक भाग । इस ग्राफ़ में क्षैतिज अक्ष है हमारी गाड़ी का पूर्व से पश्चिम की ओर जाना और लंब अक्ष है दक्षिन से उत्तर की ओर । मैने क्षैतिज अक्ष के दूरी के चिन्ह थोड़े बदल दिए हैं ताकि पूरी लहर की दूरी 2π (= 6.28)   हो और लंब अक्ष के चिन्ह भी थोड़ी दूसरी तरह से बदले हैं ।

जानी: चालबाज़, तूने क्षैतिज अक्ष को 2π रेडियन   (= 360°)     यानि एक पूरा वृत्त बना दिया है ।      अब यह लहर हमारे एक ट्रिग के फलन की तरह लग रही है, वह  था  y = sin x  ।

सैरा: तभी, यदि यह मार्ग निरंतर हो ।

जानी: जब मैक्लिंटन रोड को हमने निरंतर मान लिया था क्योंकि वह कहीं से टूटी हुई नहीं थी और उसमें कोई अचानक बड़े मोड़ नहीं थे, तो क्यों नहीं इस मार्ग के भाग को भी निरंतर नहीं मान लेते ?

सैरा: चलो हम मान लेते हैं । यह ग्राफ़ y = sin x  फलन का है ।

जानी: और भी कोई co-ordinate  रिकार्ड किए थे क्या ?

सैरा: हां किए तो थे पर सड़क में अजीब अजीब घुमाव थे । इस लिए बस यही दिखाया है । मैने एक और काम भी किया था । मैने इस लहर के पहले चौथाई भाग के लिए उत्तर की और जाने की दूरी और पश्चिम की और जाने की दूरी कर अनुपात निकाला था । हर जगह पर मैने इस slope को ग्राफ़ में लिख दिया है । यह इस चित्र में बाईं ओर है ।

Fig.c2.2            जानी: तूने कहा है की बाईं ओर का ग्राफ़ केवल लहर की पहले चौथाई भाग का है । इसका मतलब यह केवल 0 से  π/2  रेडियन का है । इस फैलाव में y = sin x  का  slope पहले तो बड़ी तेज़ी से बढ़ता है और फिर धीरे धीरे, अंत में तो शून्य हो जाता है । केवल इस फैलाव का क्यों बनाया, पूरी लहर का क्यों नहीं ?

सैरा: मैने बनाया था पर उस ग्राफ़ को एक निरंतर रेखा बना दिया जो दाईं ओर है ।

जानी:   y= sin x के slopes  का ग्राफ़ भी एक लहर है ।   इसे मैने ट्रिग में देखा हुआ है ।

fig.c2.3 सैरा: हां  slopes  का ग्राफ़ y = cos x  की तरह लग रहा है ।

जानी: y = sin x के slopes  का ग्राफ़ y = cos x   की तरह है । तो क्या इसका मतलब है कि dy sin x/dx = cos x ?

फिर जानी ने अपनी  calculus की पुस्तक में देखा । सच में, यह तो ठीक है । इसका मतलब कि यह  slopes   निकालने की चालाकी किसी भी तरह के संबंधों में चलती है । मस्त बात है कि नहीं ?

थोड़े समय तक जानी इस चित्र को घूरता रहा और उसके बाद बोला:  मैं देख रहा हूं कि जिन दो स्थानो पर d sin x/ dx = 0   हो गया वहां तूने बिंदू वाली लंब रेखाएं लगाई हैं । पहली रेखा है π/2 रेडियन   पर जब  d sin x/ dx अधिकतम हुआ और दूसरी है  3π/2 रेडियन   पर जब यह न्यूनतम हुआ ।

सैरा: हां, यह दिलचस्प है और उचित भी । जब कोई ग्राफ़ रेखा स्थिरांक हो तो उसका slope  शून्य होगा । देख हमारी पुस्तक में एक अध्याय   maxima और mimima  पर भी है । यहां लिखा है कि    maxima और mimima      दोनो पर dy/dx शून्य होता है ।

जानी: मैं सोच रहा हूं कि यदि हम y = cos x   के slopes को जांचें, तो क्या वैसा ही होगा ।

fig.c2.4              सैरा: मैने  y = cos x  के  slopes भी उसी तरह निकाले हैं । बाईं ओर  के बिंदु हैं 0 से π/2 रेडियन   के फैलाव में । मैने  slope का मूल्यांक भी हर बिंदु के साथ लिखा है ।

जानी: यह तो सारे slopes negative  हैं ।

सैरा: दाईं ओर 0  से  2π रेडियन  के  फैलाव में एक रेखा ग्राफ़  में  सारे हैं ।  π रेडियन  के बाद तो यह  slopes negative   नहीं हैं ।

जानी: यह तो अजीब सा लग रहा है, जैसे किसी ने y = sin x  के ग्राफ़ को ऊपर नीचे उल्टा दिया हो ।

सैरा: पुस्तक में देख । क्या यह लिखा है कि  d cos x/ dx = – sin x  ? चित्र तो यही कह रहा है ।

जानी ने पुस्तक खोली और कहा: बिल्कुल, पुस्तक भी कहती है कि d cos x/ dx = – sin x    । अच्छा, पर हमने tan x का पहला derivative तो अभी तक नहीं किया ।

सैरा: याद है, कुछ कोणो के लिए  tan x का मूल्यांक असंख्य हो जाता है । मुझे तो tan x  के ग्राफ़ के slopes    निकालना कठिन लगा । हमारी पुस्तक में लिखा है कि  dtan x/dx = sec2 x     ।

कुछ दिन बाद जानी सैरा के घर था और उसने सैरा माता पिता को बताया कि वह  calculus पढ़ रहे थे । वह सुनकर बहुत खुश थे । सैरा की मांजी ने उन्हें बताया कि calculus  के भौतिक विज्ञान और इंजनीयरिंग में बहुत अनुप्रयोग थे ।  सैरा के पिता जी ने कहा कि अर्थशास्त्र और पूंजीनिवेश कूट-योजनाओं और खास तौर पर options के व्यापार में calculus  का बहुत प्रयोग होता है ।  फिर सैरा की मां जी ने बताया कि इस विषय का चिकित्सा विज्ञान में भी बड़ा महत्व है । मूलरूप से जहां भी बदलाव होता है वहां यह विषय प्रयुक्त होता है ।  अंत में   calculus  बदलाव के दर को समझने का विषय है ।

चुनौती

हल करो d2(sin x + cos x)/dxको ।

उत्तर:     d(sin x +cos x)/dx = cox x – sin x

इसलिए, d2(sin x+cos x)/dx2 = d(cosx)/dx -d(sin x)/dx = -sin x – cos x.