महाराजा और बुद्धिमान

rekhafig.10.1काल्पनिक राजा और बुद्धिमान

प्रदीप उज्जैन (काल्पनिक नाम) प्रयागराज का एक राजा था । उसकी प्रजा उसे बड़ी पसंद करती थी क्योंकि वह उनका रखवाला था । शायद इस लिए भी कि वह प्रजा से बहुत कम कर लेता था ।  उसका एक अनुपम गुण यह था कि वह बुद्धिमानो का आदर करता था और हर माह में एक दिन उनके संग सभा करता था । यह राजा बड़ा दयालू भी था । एक दिन उसने चार बुद्धिमानो को बुलाया जिनके नाम थे – गुरू, धर्मा, जीवन और ज्ञानी । (सब नाम काल्पनिक हैं)

   एक परिधि सब  से बड़े क्षेत्रफल वाला आकार

राजा: मैं आप को 100 मीटर रस्सी दूंगा और जितनी खूंटियां चाहे ले सकते हो । इससे चारों को अलग अलग आकार बनाने होंगे । जो भी इस रस्सी को परिधि मानकर सब  से बड़े क्षेत्रफल वाला आकार बनाएगा, वह विजयी होगा । विजयी पुरुष को मैं पुरस्कार दूंगा – एक घर और 10 बकरियां । गुरू, आप इस प्रतियोगिता को आरम्भ कीजिए – यह रही रस्सी और सामने पड़ी हैं खूंटियां ।

   वर्ग

दर्शनशास्त्र के तर्क वितर्क में तो गुरू सब को हरा देता था पर उसे एक ही आकार का पता था – वह था वर्ग । तो उसने चार खूंटियां ली और उनको लपेट कर एक वर्ग बना दिया । रस्सी 100 मीटर लंबी थी, अत​: वर्ग की हर भुजा 25 मीटर थी और क्षेत्रफल 25 x 25  यानि 625 मीटर2 था ।

गुरू: मैने एक वर्ग बना दिया है । यह देखने में सुंदर है और इसका क्षेत्रफल  625 मीटर2 है ।

समबाहु त्रिकोण

राजा: धर्मा, अब आपकी बारी है । आप वर्ग नहीं बना सकते क्योंकि गुरू ने इसे पहले ही बना दिया है ।

धर्मा ने केवल तीन खूंटियां ही ली और एक त्रिकोण बना दी जिसकी हर भुजा 33.3 मीटर थी ।

राजा: ध्यान, मैं देख रहा हूं कि आपने एक समबाहु त्रिकोण बनाई है जिसकी हर भुजा 33.3 मीटर है । इसका क्षेत्रफल क्या है ?

ज्ञानी: मैं एक गणितज्ञ हूं । इस त्रिकोण का आधार 33.3 मीटर है, और मैने गणन किया है कि इसकी ऊंचाई   28.83 मीटर होगी । एक त्रिकोण का क्षेत्रफल होता है आधार x ऊंचाई /2  । तो इस त्रिकोण का क्षेत्रफल होगा   33.3 x 28.83/2 = 480.16 मीटर2 । महाराज, यदि आप चाहें तो मैं इस गणना का विस्तार कर सकता हूं ।

राजा: इससे बड़ा तो वर्ग का क्षेत्रफल था । जीवन अब आपकी बारी है ।

समबाहु षटभुज

जीवन: महाराज मुझे 6 खूंटियां चाहिएं । मैं एक समबाहु षटभुज बनाऊंगा । रस्सी 100 मीटर लंबी है, इससे 16.67 मीटर वाली समबाहु षटभुज बन गई ।

ज्ञानी: मैं इस आकार का क्षेत्रफल निकाल सकता हूं । यह आकार 6 समबाहु त्रिकोणो के समान है जिसमें हर त्रिकोण की हर भुजा 16.67 मीटर होगी । इस तरह हर त्रिकोण का आधार 16.67 मीटर होगा और ऊंचाई  14.42 मीटर होगी । तो एक त्रिकोण का क्षेत्रफल 16.67 x 14.42/2   मीटर2 होगा । अत: पूरे आकार का यानि 6 त्रिकोणो का क्षेत्रफल   6 x 16.67 x 14.42/2  = 720.25  मीटर2 हो जाएगा ।

राजा:  अभी तक तो यह सब से अच्छा आकार है, वर्ग से भी बड़ा । क्या मैं ठीक सोच रहा हूं कि तुम इस क्षेत्रफल को भी विस्तार पूर्वक समझा सकते हो ?

ज्ञानी: बिल्कुल महाराज ।

राजा: तो क्या इसका मतलब है कि षटभुज ने प्रतियोगिता जीत ली या तुम कुछ और भी बना सकते हो ?

    वृत्त  (circle)

ज्ञानी: महाराज, आपने देखा है कि उसी परिधि की त्रिकोण का क्षेत्रफल सबसे कम था, उससे अधिक क्षेत्रफल था 4 भुजाओं के वर्ग का और उससे भी अधिक था समबाहु षटभुज का । क्षेत्रफल भुजाओं की संख्या के अनुसार बढ़ता गया । मैं एक असंख्य भुजाओं वाली समबाहु  बहुभुज बनाऊंगा । ऐसे आकार को वृत्त  (circle) कहा जाता है ।   100 मीटर परिधि वाले वृत्त का अर्धव्यास (radius) होगा 100/(2π) = 15.92   मीटर  । वृत्त का क्षेत्रफल होता है  π x अर्ध्व्यास2 जो हो जाएगा π x 15.922   = 795.77 मीटर2  ।  इससे बड़े क्षेत्रफल का आकार 100 मीटर की रस्सी से नहीं बन सकता ।

राजा: ज्ञानी, आप प्रतियोगिता जीत गए और पुरस्कार के योग्य हैं । आपने हमें यह सिखाया कि एक ही परिधि वाले बाहुभुजों का क्षेत्रफल, भुजाओं की संख्या के साथ बढ़ता जाता है ।

ज्ञानी के प्रमाण

rekhafig.10.2              समबाहु त्रिकोण: एक समबाहु त्रिकोण ABC की हर भुजा 33.3 मीटर होगी । बिंदु  C  से   AB पर एक लंब रेखा CD खींचो । कोण   ADC और  BDC दोनो समकोण हैं । कोण CAD  और CBD समान हैं क्योंकि यह एक समबाहु के त्रिकोण हैं । भुजा   CD, त्रिकोणो ADC और  BDC दोनो मे है । अत: दोनो त्रिकोण सर्वांगसम हैं । अत: AD = DB = 33.3/2 = 16.67 मीटर ।

अब ADC एक समकोण त्रिकोण है इस लिए AC2 = AD2 + CD2 (पाइथगोरस प्रमेय) । इस लिए   CD = त्रिकोण की ऊंचाई  = 28.83   मीटर । त्रिकोण का क्षेत्रफल = आधार x ऊंचाई/2 = 33.3 x 28.83/2 =  480.16  मीटर2  ।

समबाहु षटभुज: इस आकार की 6 भुजाएं समान हैं । आमने सामने वाले कोनो को रेखाओं से मिलाओ (चित्र देखें) । केंद्र में बने सब कोण 360/6  = 60° के होंगे । क्योंकि हर त्रिकोण समद्विबाहु है, इसके दूसरे कोण भी (180 – 60)/2 = 60° के होंगे ।  तो असल में सारी त्रिकोण समबाहु हैं क्यों कि हर कोण समान है ।  ऊपर दिए ग​ए प्रमाण के आधार पर हर त्रिकोण का क्षेत्रफल 16.65 x 14.42/2 मीटर2हो जाएगा ।  अत: इस षटभुज का क्षेत्रफल 6×16.65 x 14.42/2 = 720.25 मीटर2   है ।