स्कूल की दसवीं सालगिरह

fig.g7.2स्कूल की दसवीं सालगिरह

रानिया अली जी एक गरीबों की बस्ती के प्राथमिक स्कूल में पढ़ाती थी । स्कूल के छात्रों को सीखने – पढ़ने की रुचि बिल्कुल भी नहीं थी ।  रानिया अली जी को इस चुनौती का संपूर्ण ज्ञान था, अतः वह विद्यार्थिओं का ध्यान आकर्षित करने के लिए नित नई विधियां खोजती थी ।  आज तो ऐसी खोज की आवश्यकता ही नहीं पड़ी ।  विद्यार्थियों से मांगी सहायता स्वयं ही आज की रेखागणित की क्लास का आधार बन गई ।

   स्कूल को झंडियों से सजाना है

यह इस स्कूल की दसवीं सालगिरह थी । यह एक महान कार्यसिद्धि थी कि अनगिणत बाधाओं के बावजूद भी स्कूल दस वर्ष तक चलता रहा  । वर्तमान प्रिंसिपल साहिबा को गर्व था कि यह कार्यसिद्धि उनके नेतृत्व में हुई और वह इस अवसर को मनाना चाहती थी । किंतु इस कार्य  के लिए कोई निधि उपलब्ध नहीं थी – आखिरकार  यह गरीबों का स्कूल था । बस्ती के एक छोटी सी दुकान वाले ने दिल बड़ा करके स्कूल को थोड़े से पैसे दे दिए । यही कारण था कि वह उन को मना नहीं कर सकी जब छात्रों ने स्कूल के अहाते को सजाने का प्रस्ताव दिया । वह स्कूल के अहाते को रंग बिरंगी झंडियों से सजाना चाहते थे – वैसी ही त्रिकोण झंडियां जो शादियों के लिए लगाई जाती हैं । प्रिंसिपल साहिबा मान गई पर दो शर्तों पर । पहली शर्त थी की कोई भी छात्र उने नहीं टांगेगा – केवल चौकीदार टांगेगा । दूसरी शर्त थी कि छात्र उसी दिन आ कर बताएंगे कि कितना गुड्डी कागज़ चाहिए । इस सजावट कि लिए थोड़ी सी गोंद और केवल 200 मीटर रस्सी मिलेंगी । छात्रों को कहा गया कि वह अगले दिन आधी छुट्टी में काम शुरू कर सकते हैं, और बाकी का दिन क्लास नहीं होगी ताकि वह काम समाप्त कर सकें ।

रानिया अली जी ने  कक्षालय में पैर रखते ही देखा कि कई छात्र एक कोने में एकत्रित थे । उसने सब को अपनी अपनी सीट पर जाने को कहा । सभी अपनी सीटों पर चले गए और तब महक ने हाथ उठाकर कहा: मैडम जी, हमारी क्लास की एक गणित की समस्या है । क्या रोज़ वाले सबक के स्थान पर आप हमें उसका हल निकालने में सहायता दे सकती हैं ?

 कितना कागज़ लगेगा

फिर रानिया अली जी के पूछने पर महक ने बताया कि क्लास को क्या गणन करना था ।

रानिया अली जी: पहले आज के विषय पर पूरी तरह ध्यान दो, तो अंत मे हम 10 मिनट इस समस्या पर लगाएंगे । किसको याद है कि एक आयत का क्षेत्रफल कैसे निकालते हैं ? तुमने यह अंकगणित की क्लास में सीखा हुआ है ।

रजाब: आयत का क्षेत्रफल होता है – आधार की लंबाई गुणा आयत की ऊंचाई ।

रानिया अली जी: अब बताओ कि एक त्रिकोण का क्षेत्रफल क्या होता है ?

अरीशा: त्रिकोण तो कई प्रकार की होती हैं  । हम किस प्रकार की त्रिकोण के विषय में बात कर रहे हैं ?

fig.g7.1              रानिया अली जी: अभी तो हम केवल विषमभुज त्रिकोण की जांच करेंगे, पर जो कुछ भी तुम इससे सीखोगे वह सब त्रिकोणो पर लागू होगा । मैंने एक त्रिभुज  ABC  बनाई है । रेखा BP, AC पर अभिलंब है । रेखा DA, BP के समांतर है और DB, AP  के समांतर । इस तरह  APBD एक आयत बन गई । ताहीन अब बताओ कि क्या त्रिकोण ADP , APB त्रिकोण की समरूप है ।

ताहीन: क्योंकि रेखाएं  AP और  DB समांतर हैं, तो संगत कोण  ABD  और PAB भी समान होंगे । कोण ADB  और APB भी समान हैं, क्यों कि दोनो समकोण हैं । तो त्रिकोण के तीसरे कोण भी दोनो समान होंगे । हां, त्रिकोण ADB,    त्रिकोण APB का समरूप है ।  मैडम जी, क्या मैं कुछ और भी कह सकता हूं ?

रानिया अली जी: हां ताहीन, कहो ।

ताहीन: क्यों कि भुजा AB दोनो त्रिकोणो में है, तो   APB और ADB केवल समरूप ही नहीं, सर्वांगसम भी हैं ।

रानिया अली जी: क्या सब सहमत हैं ? किसी  को कुछ और कहना है ?

महक: मेरे विचार से इन दोनो का क्षेत्रफल भी समान होगा ।

क्लास में किसी ने नहीं कहा कि महक गलत है ।

रानिया अली जी: तो महक के अनुसार त्रिकोण  APB और त्रिकोण ADB का क्षेत्रफल समान  है, तो यह भी ठीक होगा कि त्रिकोण   APB का क्षेत्रफल आयत APBD से आधा है । चलो मैं त्रिकोण के दूसरी ओर भी एक  आयत  PCEB बना देती हूं । तो क्या त्रिकोण   PBC का क्षेत्रफल भी आयत PCEB का आधा ही होगा ?

ताहीन: हां, मैडम जी । इसका मतलब है की त्रिकोण   ABC का क्षेत्रफल आयत   ACED के क्षेत्रफल से आधा होगा ।

रजाब: मैडम जी, आप ने चालाकी से हमें सिखाया है कि त्रिकोण का क्षेत्रफल आधार x ऊंचाई /2 होता है क्यों कि आयत ACED  का क्षेत्रफल   है  AC x EC ।

रानिया अली जी: कोई चालाकी वालाकी नहीं की । महक, अब बताओ कि झंडियों के लिए किस प्रकार के और कितने कोण बनाने हैं ।

महक: हम लोग सोच रहे थे की हम 15 से.मी. आधार वाली 22 से.मी. ऊंचाई की समद्विबाहु त्रिकोण काटेंगे, जिनमें से २ से.मी. की ऊंचाई मोड़ने में लग जाएगी । क्योंकि आपने कहा था कि क्षेत्रफल का सिद्धांत किसी भी त्रिकोण पत लागू होगा, तो हमारी एक त्रिकोण का क्षेत्रफल 15 x 22/2 = 165  से.मी.2 होगा । क्या यह ठीक है ?

रानिया अली जी: हां, यह ठीक है । कितनी त्रिकोण बनानी हैं ?

अरीशा: हमें 200 मीटर रस्सी मिलेगी । हम हर एक मीटर में तीन झंडियां लगाएंगे, तो हम कुल 600 त्रिकोण बनाना चाहते हैं ।

रजाब: तो हमें 165 x 600 यानि 99000 से. मी.2 गुड्डी कागज़ चाहिए । यह तो बहुत सारा कागज़ है ।

रेहान: जैसे तू कह रहा है, यह बहुत सारा कागज़ है । क्यों नहीं कहता कि हमें 9.9 मीटर2 कागज़ चाहिए ?  गुड्डी कागज़ 1 मीटर x 1 मीटर की शीट में मिलता है और हमें 10 शीट चाहिएं ।

महक: 10 शीट अलग अलग रंगों की । मैडम जी,  आपकी सहायता के लिए धन्यवाद ।

देख लो, कैसे रानिया अली जी ने एक और रेखा गणित की क्लास के लिए छात्रों का ध्यान पूरी तरह खींच लिया । क्या वह अगली बारी भी ऐसा कर सकेंगी ?

चुनौती

इस चित्र में तीन त्रिकोण हैं: न्यूनकोण, समकोण और अधिककोण । इन सब का आधार  10 से.मी. और ऊंचाई  8 से.मी. है । तीनो का क्षेत्रफल निकालो ।

fig.g7.3      उत्तर: किसी भी त्रिकोण का क्षेत्रफल होता है आधार x ऊंचाई/2  । तीनो का आधार 10 से.मी. और ऊंचाई 8 से.मी. है । तो सब का क्षेत्रफल 10 x 8/2 = 40 से.मी.2  होगा ।