फैशन शो

mathfashionshow प्रिया का प्रस्ताव         

स्कूल के मैथ क्लब की  बैठक हर माह में एक बार होती थी । विद्यार्थिओं को प्रोत्साहन दिया जाता  था कि वह गणित संबंधी किसी भी लेख या सिद्धांत के बारे में बात करें । इस बैठक में प्रिया नाम की एक लड़की ने हाथ खड़ा किया । वह चाहती थी कि मैथ क्लब एक फ़ैशन शो करे और इसके बारे में उस बैठक में तर्क वितर्क हो ।

मैथ क्लब के अधिकतर सदस्यों ने फ़ैशन शो के सुझाव का बुरी तरह मज़ाक उड़ाया ।  आम सोच थी कि फ़ैशन तो उन बेवकूफ़ लोगों के लिए होता है जो गणित तो जानते ही नहीं । गणित के अध्यापक ने कहा कि विवृतमन रहें और कम से कम तर्क को पूरी तरह से सुनें । प्रिया ने कहा फ़ैशन में गणित का प्रयोग बहुत होता है ।  आज कल नए फ़ैशन वाले कपड़े बनाने में 3-D प्रिंटर इस्तेमाल होते हैं । फिर भी सवाल उठाया गया कि वह गणित के बारे में कितना  जानती है और उसे फैशन के बारे में भी क्या पता है । प्रिया ने कहा कि वह अपनी मां की टी शर्ट की दुकान पर काम करती है जहां लड़के और लड़कियां अपनी पसंद के चित्र टी शर्ट पर छपवाने के लिए आते हैं । तो फ़ैशन सब के लिए है केवल बेवकूफ़ों के लिए नहीं । फिर उसने चुनौती दी कि जिनकी शर्ट पर किसी तरह का लोगो बना है, उन्हें सोचना चाहिए क्या यह उनके लिए फ़ैशन नहीं है । लगभग सब के वस्त्रों पर लोगो छपे हुए थे, फिर भी प्रश्न उठा कि इनका गणित से क्या संबंध है ।

सैरा ने भी फैशन शो चाहती थी

प्रिया की बात का कोई असर नहीं हो रहा था जब तक सैरा ने हाथ उठाया और कहा: मैं प्रिया के सुझाव से सहमत हूं । हमें इस पर ध्यान से सोच कर तर्क करना चाहिए । यदि तुम लोग चाहो तो प्रिया और मैं अगली बैठक में प्रदर्शन के लिए कुछ तैयार कर सकते हैं ।

लगभग सभी जानते थे कि सैरा गणित में प्रवीण है । कई विद्यार्थिओं की सैरा ने सहायता भी की थी, और वह भी खुशी से और बिना किसी को नीचा दिखाए । सैरा के बायफ़्रैंड ने तो एकदम कह दिया कि वह भी प्रिया के सुझाव से सहमत था। इस बैठक के अध्यक्ष अर्जुन और दीपिका ने लोगों को अपनी राय देने के लिए कहा । गणित अध्यापक शक्ती कक्कर  ने कहा, “अपनी सोच को अपसारी रखना चाहिए ताकि नए विचारों का सत्कार कर सको” । और किसी ने कुछ नहीं कहा तो अध्यक्षों ने वोट लिया और अधिकतर सदस्यों सहमत थे कि अगली  बैठक का विषय होगा: मैथ और फैशन शो ।

प्रिया और सैरा अगले दिन कैफ़िटेरिया में मिली और दुआ सलाम के बाद बातचीत करने लगी ।

प्रिया: सैरा धन्यवाद, बैठक में मेरे सुझाव की सहमती के लिए ।

सैरा: मैं अपनी भूगोल प्रोजैक्ट में 100% लाने वाली सहेली की बात क्यों ना मानती ?  फिर मैने सोचा कि इसका निरीक्षण करके मज़ा आएगा, पर तेरी इसमें क्या दिलचस्पी है ?

  मौलिक रूपी प्रतिबिंब की मांग

प्रिया: हमारी दुकान पर ग्राहक नवीन और मौलिक रूपी प्रतिबिंब (new and original images) के चित्रों की मांग करते हैं उनकी टी शर्ट के लिए । इस लिए हमारे लिए महत्वपूण है कि हमारे पास ऐसे चित्रों की एक विस्त्रित सूची हो । स्टाक मौलिक रूपी चित्र बहुत मंहगे होतो हैं और फिर यदि कोई भी खरीद कर उनका प्रयोग कर सकते हैं, वह तो साधारण चित्र बन जाते हैं,  अपना मौलिक रूपी होने का गुण खो देते हैं । मैने सोचा कि ऐसे चित्र पाने के लिए हमारे लिए यह एक नई विधि बन सकती है । फ़ैशन शो से हमें नए डिज़ाइन का मार्ग मिल सकता है । मेरी मां तो इसके आर्थिक संरक्षण के लिए भी तैयार है । फैशन शो में भाग लेने वालों को वह उनकी माडल की हुई शर्ट मुफ़्त में दे देगी ।

सैरा: पसंद या नापसंद, निजी भावना होती है । मुझे नहीं पता कि तुझे मेरे बनाए हुए डिज़ाइन पसंद आएंगे या नहीं ।

प्रिया: यार अब दिखा दे डिज़ाइन, मुझे तो इंतिज़ार ही मारे जा रही है ।

Polar co-ordinates  में ट्रिग फलन के रेखा चित्र

सैरा: मैं तुझे कुछ चित्र दिखाऊंगी । यह सब polar co-ordinates  में अलग अलग गणित फलन के रेखा चित्र हैं । याद है, तेरी भूगोल की रिपोर्ट के लिए हमने इसकी बात की थी । Polar co-ordinates  में एक बिंदु की स्थिति को r, θ  लिखा जाता है,   होता r है origin  से दूरी जिसे modulus भी कहते हैं,  और θ होता है कोण जिसे arguement भी कहते हैं   ।  दो बातें पहले समझा दूं । कोण का नाप डिग्री या रेडियन में किया जाता है । एक पूरे चक्कर में 2π रेडियन होते हैं जो 360° के बराबर हैं । दुसरी, कि यदि किसी चीज़ को घुमाते जाओ तो पूरा चक्कर होने के बाद भी कोण 2π रेडियन से आगे बढ़ता रहता है । अब मैं ग्राफ़ दिखाऊंगी  r और बढ़ते हुए θ  का ।

प्रिया: यह तो एक  spiral है । क्या इनको अलग अलग रंगों में बनाया जा सकता है ।

सैरा: इनको Archemidian spirals कहते हैं । क्यों नहीं, इन्हें किसी भी रंग में बना सकते हैं । तुझे रंगों, धागों का और फ़ैब्रिक का सब पता है । तू स्वयं इनका निर्णय करना । यह सब रेखा चित्र  r और θ के हैं । पहले में  θ की अंकीयमूल्य  0 से 6π रेडियन तक जाता है, दूसरे में 0  से 12π रेडियन  तक और तीसरे में 0 से 32π रेडियन तक  ।  Spirals की संख्या  θ के फैलाव के साथ बढ़ती है । अंत वाले में θ का फैलाव 12π से  32π  तक है । अंदर वाला खाली क्षेत्र आरंभिक θ पर निर्भर करता है और spiral  की संख्या  चक्करों की संख्या पर ।

Fig.9.1

प्रिया: वाह, यह तो बड़ा मज़ेदार काम है । और कोई भी हैं, क्या ?

सैरा: हां, यह एक और गुट है ।

प्रिया: यह भी  spirals हैं पर रेखाओं में डिज़ाइन बने हुए हैं ।

सैरा: क्या तूने ट्रिग (trigonometry) पढ़ी है ?

प्रिया: नहीं, अभी नहीं ।

सैरा: एक समकोण में sin θ =  ऊंचाई/कर्ण,  cos θ =  आधार/कर्ण और tan θ =  ऊंचाई/आधार । मैं तुझे तीनो के ग्राफ polar co-ordinates में दिखाऊंगी । इन ट्रिग फलन के बारे में तू और सीखेगी जब तू ट्रिग पढ़ेगी । अभी तो डिज़ाइन की ओर ध्यान दे । r =   θ से तो  spirals बनते हैं पर अगले चित्र  में r =   θ +  cos (2θ), r =   θ + cos (24θ), r =   θ + cos (28θ), और  r =   θ + cos (216θ)  हैं, इन से डिज़ाइन वाले spirals  बन जाते हैं । इन चारों का फैलाव θ = 0 से 12π रेडियन   है ।

Fig.9.2

प्रिया: और क्या क्या है तेरि पिटौरी में ?

सैरा: तुझे यह फूल बड़े प्यारे लगेंगे । पहला फूल है  r = cos (2 θ)  का ग्राफ़, और अगले फूल हैं  r = cos (3 θ), r = cos (5 θ) और r= cos (8 θ)   के ग्राफ़ । इन सब में θ  का फैलाव  0   से  2π रेडियन का है ।  यह फूल किसी भी संख्या n से   r = cos (nθ)  के लिए बनाए जा सकते , n  का पूर्णांक होना भी आवश्यक नहीं है ।

Fig.9.3

यह एक नया डिज़ाइनों का गुट है । यह सब r = cos (nθ)   के ग्राफ़ हैं जिनमें θ का फैलाव 0 से 2π रेडियन तक है ।  पहला है  r = cos (2θ) का ग्राफ़, और बाकी हैं r = cos(2θ) + 2,  r = cos(3θ) + 3 और  r = cos(4θ) + 4 के ।

प्रिया: यह तो कोई पूर्वी पंखे लग रहे हां, मज़ेदार चित्र हैं ।

Fig.9.4

सैरा: क्या तू और देखना चाहती है ?

प्रिया: मत रुक, बड़ा मज़ा आ रहा है ।

सैरा: अगला चित्रों का गुट है, r = 1 + cos (2θ), r = 2 + cos (2θ), r = 4 + cos (2θ) और  r = 5 + cos (2θ)  के ग्राफ़ 6π से 12π रेडियन तक । कुछ नई तरह के चित्र बनाने कि लिए मैने 0 से 6π रेडियन   को निकाल दिया है ।

प्रिया: अच्छी हैं । इन में अलग अलग मोटाई के छल्ले दिख रहे हैं ।

Fig.9.5

सैरा: मैं तो  मस्ती कर रही हूं और सारा दिन बैठी हुई कर सकती हूं पर थोड़ी देर में मेरी क्लास है । मैं तुझे दो और गुट दिखाऊंगी । उससे तुझे अहसास हो जाएगा कि मेरे मन में क्या है । अगले चित्र में ट्रिग के   tangent (tan θ)   फलन के ग्राफ़ हैं ।

प्रिया: कमाल, इससे तो भांति भांति के डिज़ाइन बने हैं । कुछ तो लग रहे हैं सड़कें जिनकी  ramps clover leaf  की तरह है । दूसरे लगते हैं फूल जिन में से किरणे निकल रही हैं । शर्त लगा ले यह रंग बिरंगे बहुत सुंदर लगेंगे ।

Fig.9.6

सैरा: यह अंतिम गुट है, फिर मुझे क्लास में जाना है ।

प्रिया: तो इस विधि से भांति भांति के वस्तुओं के चित्र बन सकते हैं जैसे हृदय, तितली और पत्ता । सैरा तूने बड़े अच्छे चित्र बनाए हैं । अगली मैथ क्लब की बैठक में इनका प्रदर्शन करना । मैं तो अपनी टी शर्ट पर तितली और फूल दोनो  का चित्र छपवाऊंगी ।

Fig.9.7

फैशन शो के बारे में भिनभिनाहट

अगली बैठक से पहले, स्कूल में फैशन शो के बारे में बड़ी भिनभिनाहट थी । कई विद्यार्थी जो मैथ क्लब के सदस्य नहीं थे, वह भी इस बैठक में आना चाहते थे । अर्जुन और दीपिका ने शक्ती कक्कर  जी से बात की । इस अध्यापक की सोच थी कि आने के लिए खुला न्यौता तो और भी विद्यार्थिओं की गणित में रुचि बढ़ा सकता है ।  उन्होंने कहा कि स्कूल का कोई भी विद्यार्थी इस बैठक में भाग ले सकता है । ऐसा करने के लिए एक बड़े कमरे का प्रबंध भी किया गया ।

दीपिका और अर्जुन ने उस दिन के लिए प्रिया को बैठक की अध्यक्ष बनने के लिए और वह मान गई । प्रिया ने ही तो इस कार्य का प्रस्ताव रखा था ।

प्रिया: हैलो, साथियो । मैं देख रही हूं कि आज मैथ क्लब की बैठक में आम तौर से दो गुणा लोग आए हैं । शायद इसी लिए की आज फैशन शो की बात होगी । हमारी मित्र सैरा ने सारे डिज़ाइन सोचे और निकाले हैं और मैं उससे इनके प्रदर्शन का निवेदन करूंगी पर उससे पहले मैं एक घोषणा करना चाहती हूं । जेन टी शर्ट की दुकान इस फैशन शो का आर्थिक संरक्षण करने के लिए तैयार है । यह दुकान अपने पैसों से हमारे डिज़ाइनो के छपे हुए सारी शर्ट बनाएगी । जो भी साथी उसका माडल करेंगे, वह उसे मुफ़्त में रख भी सकते हैं । हम इसका वार्तालाप बाद में विस्तारपूर्वक कर सकते हैं ।   मैं देख रही हूं की जुआन का हाथ खड़ा है प्रदर्शन से पहले ही, जुआन ।

जुआन: मेरे माता पिता का एक मैक्सिकन रैस्टोरांट है, ला प्लासेर । तुम साथियों में से कई वहां गए हुए हो । मैने उनसे इस गणित संबंधी फैशन शो की बात की । वह बड़े उत्साहित हुए और उन्होंने कहा कि शो के बाद वह सर शक्ती कक्कर और शो में माडल करने वालों को डिन्नर पर न्यौता देते हैं । खाने के पैसे ला प्लासेर देगा ।

प्रिया: यह लो, यदि मुफ़्त की टी शर्ट का आकर्षण कम था, तो अब शो में माडल करने वालों के लिए मुफ़्त डिन्नर भी शामिल है । मुझे तो ला प्लासेर का खाना बहुत पसंद है । अब मैं सैरा को निवेदन करती हूं कि बताए कि उसकी सोच क्या है, सैरा ।

सैरा ने निवेदन किया, कि सर शक्ती कक्कर जी क्लब में आए छात्रों और छात्राओं को, थोड़ा से ट्रिग फलन और polar co-ordinates  के बारे में बताएं । सर शक्ती कक्कर जी ने तो इसकी कोई तैयारी की नहीं थी पर सैरा ने उन्हें एक डार्ट बोर्ड का चित्र इस काम के लिए दिया । अध्यापक के छोटे से लैसन के बाद, सैरा ने आरंभ किया ।

सैरा: आने वाली स्लाइडों पर सारे चित्र   ट्रिग फलनो से बनाए गए हैं । मुझे तो इस काम में बड़ा मज़ा आया । मेरा सुझाव है कि हम शर्ट की सामने वाली ओर चित्र दिखाएं और पिछली ओर इसका वर्णन ।

सैरा ने सारी स्लाइडें दिखाई और उनके बारे में बताया जो कुछ वह प्रिया को पहले बता चुकी थी, और फिर मंच प्रिया को दे दिया ।

प्रिया: आशा है कि सब को विश्वास हो गया होगा कि गणित का फैशन के लिए प्रयोग हो सकता है । अब इस विषय पर खुले वार्तालाप का समय है ।

ऐश्ली: मैं स्कूल की फ़ुटबाल के लिए एक चीयर लीडर हूं पर मैं मैथ क्लब की सदस्य नहीं हूं  । मैं और मेरे 8 मित्र जो इसी अवस्था में हैं, शो में माडल बनना चाहेंगी । क्या यह संभव है ?

अध्यापक शक्ती कक्कर: यह तो अच्छा होगा यदि तुम और तुम्हारे मित्र भी माडल के रूप में भाग लो, पर सब टी शर्ट पर लोगो गणित के आधार पर होने चाहिएं । प्रिया और जुआन से संसाधन के बारे में भी पूछना होगा ।

प्रिया और जुआन दोनो ने कहा कि उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी । किंतु प्रिया को एक बात की चिंता थी, जिसके लिए उसने सैरा को संबोधित किया ।

सैरा: प्रिया सोच रही है कि हमारे पास केवल वही चित्र हैं जो मैने दिखाए हैं । यदि भाग लेने वालों की संख्या बड़ी होगी तो ऐसे और चित्रों की आवश्यकता होगी । इसके कई हल हैं । प्रिया चित्रों के संगठन भी प्रयोग कर सकती है जैसे एक चित्र में या फूल हो या तितली या दोनो । दूसरा हल है कि मैं और चित्र भी बना सकती हूं । तीसरा हल है कि कुछ साथी चाहेंगे कि वह स्वयं बनाए हुए चित्रों की शर्ट को माडल करें – यह उनके लिए गौरव की बात होगी । मैं उनकी सहायता प्रसन्नता से करूंगी । यह उनके लिए उचित होगा जिन्हें ट्रिग अच्छी लगती हो । मैने तो इस काम को एक खेल बना लिया था ।  इस वैबसाइट से बहुत आसानी से काम हो जाएगा http://www.wolframalpha.com/widgets/view.jsp?id=8d8e2c27bcaa121d6ee0de4b98774bb4 । यदि स्वयं डिज़ाइन बना कर लाओ तो हमें दिखाना होगा ताकि हम जांच लें कि कोई और तो उसी चित्र का प्रयोग नहीं कर रहा ।

शक्ती कक्कर जी: यह तो बढ़िया हो गया । प्रिया, क्या तूने कुछ और कहना है ?

प्रिया: जो भी लोग माडल बन के भाग लेना चाहते हैं, कृपया मुझे सात दिन के अंदर अपना इ- मेल पता और फ़ोन नंबर बता देना । शो का दिन और समय शीघ्र ही सर जी बताएंगे । मेरे विचार में यह फैशन शो स्कूल के आडिटोरियम में होगा । इसकी सूचना भी पक्का होने पर दी जाएगी ।

आडिटोरियम में फैशन शो हुआ

इस मैथ क्लब की बैठक के लगभग 6 सप्ताह बाद स्कूल के आडिटोरियम में फैशन शो हुआ । वह हाल तो खचाखच भरा हुआ था, खड़े होने के लिए भी जगह नहीं थी । प्रिंसिपल साहिब और अध्यापल कक्कर जी ने इसे गर्व से देखा । पचास माडल थे । जिनमें चीयर लीडर भी शामिल थे – उन्हें गणित में रुचि यही थी कि यह उससे संबंधी फैशन शो था । दूसरी ओर वह किताबी कीड़े भी थे जिन्हें मान था कि उन्होंने निजी गणित संबंधी चित्र स्वयं बनाए थे । हर माडल का नाम घोशित हुआ और फिर वह कैटवाक करते मंच की एक ओर से चल कर दूसरी ओर गए । जानी जिसको साइकलों का शौक था – उसकी शर्ट एक बहुत बढ़िया साइकिल दिखा रही थी जो दो  Archemedian spirals  और उन्हें मिलाती हुई एक रेखा से बनी थी । हर माडल का स्वागत तालियों से हुआ । अंत में प्रिया ने सैरा को सारे चित्रों की रचना के लिए धन्यवाद दिया । इस बार तो इतनी ज़ोर से तालियां बजी कि आप को बैहरा कर देती ।

———— एक सप्ताह बाद —————-

एक सप्ताह बाद प्रिया और सैरा मिलीं । दोनो की राय थी कि फैशन शो उम्मीद से कहीं बढ़कर सफ़ल हुआ था ।

प्रिया: यह सारे चित्र तेरी रचना थी । क्या मैं और मेरी मां, यह या इस धारणा पर बने दूसरे चित्रों का दुकान पर प्रयोग कर सकते हैं ?

सैरा: अच्छा होगा कि तू किसी से एक प्रोग्राम बनवा ले जिससे इन फलन का प्रयोग किया जा सके । इस तरह इन चित्रों की भिन्नता बढ़ जाएगी और हर ग्राहक अपना निजी डिज़ाइन बना पाएगा । लोगों को यह बड़ा पसंद आएगा ।

प्रिया: क्या तू हमारी दुकान के लिए प्रोग्राम बना देगी ? हम उस काम के लिए तुझे पैसे भी देंगे ।

सैरा: नहीं, इसमें बहुत समय लगेगा और मैने अपनी पढ़ाई की ओर ध्यान देना है । तू जो से पूछ । उसे ट्रिग और प्रोग्राम बनाना दोनो आते हैं ।

प्रिया: तेरा मतलब वह किताबी कीड़ा जो ।

सैरा: तू उसे किताबी कीड़ा जो क्यों कहती है । पता नहीं, पीठ पीछे तू मुझे क्या कहती होगी ।

प्रिया: तेरी प्रसिद्धि थोड़ी अलग है । सब तुझे प्रेमपंछी कहते हैं । तेरा एक बायफ़्रैंड है जिसे तू इतना प्यार करती है । तू औरों की सहायता भी प्रेम से बिना उन्हें नीचा दिखाए करती है । देख तू मुझे जानती तक नहीं थी फिर भी तूने भूगोल में और अब फैशन शो में कितनी सहायता की है ?

दोनो ने एक दूसरे को अलविदा कहा ।

 ————– दो वर्ष बाद —————

फैशन शो के दो साल बाद, प्रिया अभी स्कूल में ही थी पर सैरा एक विश्वविद्यालय में पढ़ रही थी और वह गर्मी की छुट्टियों मे घर आई । प्रिया ने उसे फ़ोन किया और फिर उसके घर पर मिलने चली आई ।

सैरा: हाय प्रिया । तुझे देखे दो साल हो गए हैं । कैसी है ?

प्रिया: मैं पहले भी एक बार आई थी । नैना ने कहा कि अब तू पढ़ाई के लिए अपने विश्वविद्यालय में ही रहती है, और गर्मी की छुट्टियों में ही घर आएगी । तो अब तुझे मिलने के लिए फिर आ गई । यह फूल तेरे लिए लाई हूं ।

सैरा: फूलों के लिए धन्यवाद । तो, आजकल क्या कर रही है तू ?

प्रिया: यह मेरा व्यवसाय कार्ड है ।

सैरा: वाह भाई वाह, जेन और प्रिया की टी शर्ट दुकान । बधाई हो, दुकान में भागीदार बनने के लिए ।

प्रिया: याद है कि तूने मुझे भूगोल के प्रोजैक्ट में सहायता की थी, और मेरा निष्कर्श था कि हमारा व्यवसाय बढ़ जाएगा यदि हमारी दुकान पुल के पास हो । फैशन के तीन माह बाद हमने पुल के पास एक नई दुकान खोली । हमने किताबी कीड़े जो को भी प्रोग्राम लिखने के लिए नौकरी पर रख लिया । दुकान के काम में भी व्यस्त हो गई, और जो पर भी अधीक्षण करना  था, ताकि वह हर काम मेरी पसंद का करे ।  उसे भी दो हज़ार डालर दिए । मैं काम तो दुगना कर रही थी पर दुकान में मुझे देने के लिए पैसे भी नहीं थे । इस लिए मेरी मां ने प्रस्ताव रखा कि मेरी सहायता और परिश्रम के लिए वह मुझे वेतन देने की बजाय दुकान पर बराबरी का भागीदार बना देंगी । अब दुकान का नाम भी इसी लिया बदल दिया है ।

सैरा: तो अब व्यवसाय कैसा है ?

प्रिया: अच्छा है । जैसे तूने कहा था, “तुम आशा ही कर सकते हो कि समय के साथ सब कुछ ठीक हो जाएगा” । पिछले 6 माह में हमारी दुकान का लाभ पिछली दुकान के 2 साल के लाभ के बराबर था । दुकान में हर समय 5 लैपटाप चलते हैं । ग्राहक आकर किसी एक पर निजी डिज़ाइन बना लेता है । जैसे कि तूने दिखाए थे, जो ने वैसे ही 10 फलन चुन कर लगा दिए हैं ।  हर फलन के लिए ग्राहक 1 से 10 के बीच एक संख्या चुन लेते हैं । यदि कोई फलन को नहीं चुनना हो तो वह इस संख्या की अपेक्षा 0 चुन लेते हैं । वह अपनी पसंद रेखा के रंग और फ़ैब्रिक का रंग भी चुन सकते हैं । बना हुआ डिज़ाइन लैप टाप पर आ जाता है । पसंद आए तो उसे बनवा लेते हैं ।

सैरा: यह तो महामस्त है । इससे तो बिलियनों डिज़ाइन बन सकते हैं । मुझे आकर देखना होगा ।

प्रिया: हां ग्राहक तो इसमें खेल जैसा आनंद लेते हैं । हम इस विधि के लिए अलग पैसे मांगते हैं, और इन चित्रों को हमें किसी से खरीदना भी नहीं पड़ता । इस लिए हमारा लाभ बढ़ जाता है । ग्राहक दूर दूर से भागे भागे आते हैं क्यों कि यह सेवा उन्हें किसी और दुकान पर  नहीं मिलती । हमने इस पर  utility patent के लिए भी अर्जी दे दी है ।

सैरा: यह तो सुपर डुपर है । मैं तेरी सफ़लता पर बहुत प्रसन्न हूं ।

प्रिया: यह मेरी ओर से तेरी सराहना की एक छोटी निशानी है ।

सैरा: यह तो एक हज़ार डालर का चैक है । मैं नहीं ले सकती । मैने इसे पाने कि लिए कुछ भी नहीं किया ।

प्रिया: मुझे तेरी नम्रता बड़ी प्यारी लगती है । मैं तेरी सहायता का मान करना चाहती हूं । तेरे इसे लेने से मुझे खुशी मिलेगी ।              प्रिया का फ़ोन बजा । उसकी दुकान पर ज़रूरत थी ।

प्रिया: बाइ, मुझे जाना होगा । किसी दिन जानी को लेकर दुकान पर आ । मैं तुझे सारी रूपरचना दिखाना चाहती हूं ।

सैरा: हां, अवश्य आऊंगी । धन्यवाद, यहां आने के लिए और सराहना के मान के फूलों और चैक के लिए । बाइ ।

 

————– कई वर्ष बाद —————

जेन और प्रिया की दुकान का भविष्य –  साख्यिकी (statistics) का व्यवसाय में प्रयोग

यह कहानी बीजगणित का अंतिम वार्तालाप बन गई ।

प्रिया: काफ़ी समय से हमारी बात नहीं हुई थी, तो सोचा फ़ोन कर लूं । हां और, कल जेन और प्रिया की टी़-शर्ट की दुकान की बैठक है, मैं तुझे इसके लिए निमंत्रित करना चाहती हूं क्योंकि यह तेरी दी हुई राय के कारण ही तो दुकान आगे बढ़ी है ।

सैरा: इस सम्मान के लिए धन्यवाद किंतु मैं तुझे पहले भी कह चुकी हूं कि यह तेरे उद्योग उपक्रम से हुआ है । मैने इसके लिए कुछ नहीं किया ।

प्रिया: फिर से आ गई तेरी नम्रता । यदि तुझे स्वीकार हो तो हमारी दुकान तुझे हवाई सफ़र का टिकट भेज देगी ताकि तू आकर फिर से वह कुछ ना करने वाला जादू चला सके । हमने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेना है और तेरी राय चाहिए । अरे तुझे नैना की भी तो याद आती होगी, घर आकर उनसे भी मिल लेना । कैसा रहेगा कि तू शनिवार की शाम को आ जा, रविवार के दिन हमारे साथ रह, और सोमवार सुबह वापिस चली जा ?  क्या यह चलेगा ?  तो मैं तुझे टिकट भेज देती हूं और यहां एयरपोर्ट पर मिलूंगी ।

सैरा तो प्रिया के उपागम से पूर्णतय पराजित हो गई थी पर फिर भी मान गई, निमंत्रण स्वीकार किया और हवाई जहाज़ में बैठ गई ।  वायु यात्रा घटनाहीन थी, और प्रिया उससे मिलने आई हुई थी ।

आगे इस कहानी में पढ़ें – जेन और प्रिया की दुकान का भविष्य